Published On:Saturday, January 25, 2014
Posted by NJFI media
केजरीवाल मीडिया पर भड़के
उज्जैन। अण्णा आंदोलन से आज तक मीडिया ने केजरीवाल को खूब महत्व दिया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्हं प्रधानता दी। आप के मंत्री व केजरीवाल जो भी कर रहे है उसे प्रधानता से प्रसारित किया।
धरने व अन्य मामलों में भी मीडिया ने केजरीवाल व आपपार्टी को सुझाव भी दिए। एनजेएफआई ने तो केजरीवाल को संम्पूर्ण क्रान्ति का दूत तक बताया। केजरीवाल सत्ता में आते ही भ्रमित हो गए। भारती मामले में उन्हें निष्पक्ष रूख अपनाना था। पुलिस के खिलाफ धरन की बजाय दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केन्द्र को भेजना था, सरकार सडकों पर धना दे उचित नहीं। जो काम केजरीवाल व आप को करना चाहिए वे नहीं कर रहे है। केजरीवाल भी जानते है कि मीडिया प्रतिष्ठानों पर कारपोरेट जगत का एकाधिकार ह। 80 प्रतिशत वंचितों की आवाज बुंलद करने की जुबान काटना ही चाहेगे। मोदी व भाजपा से मीडिया घराने अनुबंधित है। मोदी अंबानी व कारपोरेट जगत का मुखौटा है। उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले को ध्वस्त ही करना चाहेगे। केजरीवाल ने मीडिया की आकाक्षा पूरी नहीं की होगी या मोदी भाजपा व अंबानी के इशारों पर आपको बदनाम करना चाहा होगा।
मीडिया पर सार्वजनिक आरोप की बजाय सप्रमाण आरोप लगाए जनता को पता है अनेक समाचार चेनल्स व समाचार पत्रों को मोदी के ही सपने आते है। केजरीवाल आरोप मढने का चरित्र त्यागे व देश में संपूर्ण क्रान्ति की मशाल घुमाए। आराप, प्रत्यारोप, नाटक नौटंकियां हेतु मोदी गंग, भाजपा कांगे्रस सक्रिय है। देश का मीडिया भी निष्पक्ष, चरित्रवादी नहीं है। यह भी स्वंय सिद्ध हैं।
धरने व अन्य मामलों में भी मीडिया ने केजरीवाल व आपपार्टी को सुझाव भी दिए। एनजेएफआई ने तो केजरीवाल को संम्पूर्ण क्रान्ति का दूत तक बताया। केजरीवाल सत्ता में आते ही भ्रमित हो गए। भारती मामले में उन्हें निष्पक्ष रूख अपनाना था। पुलिस के खिलाफ धरन की बजाय दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केन्द्र को भेजना था, सरकार सडकों पर धना दे उचित नहीं। जो काम केजरीवाल व आप को करना चाहिए वे नहीं कर रहे है। केजरीवाल भी जानते है कि मीडिया प्रतिष्ठानों पर कारपोरेट जगत का एकाधिकार ह। 80 प्रतिशत वंचितों की आवाज बुंलद करने की जुबान काटना ही चाहेगे। मोदी व भाजपा से मीडिया घराने अनुबंधित है। मोदी अंबानी व कारपोरेट जगत का मुखौटा है। उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले को ध्वस्त ही करना चाहेगे। केजरीवाल ने मीडिया की आकाक्षा पूरी नहीं की होगी या मोदी भाजपा व अंबानी के इशारों पर आपको बदनाम करना चाहा होगा।
मीडिया पर सार्वजनिक आरोप की बजाय सप्रमाण आरोप लगाए जनता को पता है अनेक समाचार चेनल्स व समाचार पत्रों को मोदी के ही सपने आते है। केजरीवाल आरोप मढने का चरित्र त्यागे व देश में संपूर्ण क्रान्ति की मशाल घुमाए। आराप, प्रत्यारोप, नाटक नौटंकियां हेतु मोदी गंग, भाजपा कांगे्रस सक्रिय है। देश का मीडिया भी निष्पक्ष, चरित्रवादी नहीं है। यह भी स्वंय सिद्ध हैं।


