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कोलकाता में कल फिर होगा जश्न-ए-केकेआर

Posted by Unknown | Friday, June 6, 2014 | Posted in

कोलकाता। आखिरकार आइपीएल 7 का खिताब कोलकाता नाइट राइडर्स ने दूसरी बार जीत लिया। साल 2012 में खिताब जीतने के बाद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि कोलकाता एक बार फिर इतिहास दोहराने में सफल हो जाएगा, मगर नाइट राइडर्स के शूरवीरों ने दिखा दिया कि कैसे हारी बाजी को जीता जाता है, ऐसे में इन खिलाड़ियों के लिए जश्न तो बनता है। अब बात जब जश्न की हो गई है तो आपको बता दें कि बंगाल क्रि केट एसोसिएशन और राज्य सरकार ने कोलकाता के खिलाड़ियों के सम्मान में इडेन गार्डन में एक कार्यक्रम को आयोजन किया है। ये कार्यक्रम फिर से 2012 की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है, जब केकेआर ने पहली बार आइपीएल खिताब अपने नाम किया था।
मंगलवार को होने वाले इस कार्यक्रम में सभी फैंस की एंट्री फ्री होगी जिससे की वो यहां होने वाले कार्यक्रम का लुत्फ उठा सकें। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबीर गांगुली के मुताबिक इडेन गार्डन का गेट सुबह 11.30 से लेकर 3.30 तक खुला रखा जाएगा जिससे की सभी इस शानदार जीत के समारोह का आनंद ले पाएं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस जीत को और यादगार बनाने के लिए हर तरह की तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। गौरतलब है कि साल 2012 में कोलकाता टीम की जीत के बाद इडेन गार्डन में हुए समारोह में ममता बनर्जी ने टीम के खिलाड़ियों को सोने के सिक्के और सोने की चेन भेंट की थी जिस पर बाद में विवाद भी खड़ा हुआ था।

फिक्सिंग में नाम घसीटने पर धोनी ने ज़ी पर किया 100 करोड़ का केस

Posted by Anonymous | Tuesday, March 18, 2014 | Posted in


dhoni

नई दिल्ली
टीम इंडिया और आईपीएल फ्रैंचाइजी चेन्नै सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में नाम उछाले जाने पर मीडिया हाउस ज़ी मीडिया के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मुकदमा ठोक दिया है। धोनी ने मीडिया हाउस पर उनके नाम को गलत तरीके से उछालने और छवि खराब करने का आरोप लगाया है। मद्रास हाई कोर्ट ने धोनी की आईपीएल सट्टेबाजी में शामिल होने का दावा करने वाली कोई भी खबर न प्रसारित करने का निर्देश चैनल को दिया है।

कोहली को अपनी कप्‍तानी का आनंद उठाना चाहिए: गांगुली

Posted by Unknown | Wednesday, February 26, 2014 | Posted in

कोलकाता, एजेंसी। भारतीय टीम के पूर्व सफल कप्‍तान सौरव गांगुली ने विराट कोहली को सलाह देते हुए कहा कि एशिया कप में उन्‍हें अपनी कप्‍तानी का आनंद उठाना चाहिए। गांगुली चाहते है कि कोहली की कप्‍तानी में भारतीय टीम एशिया कप जीते ताकि धोनी को इससे मजबूती मिल सके और वे एक बार फिर अपनी मजबूत नेतृत्‍व क्षमता के रास्‍ते पर लौट आए।
गांगुली ने कहा कि विराट को अपनी कप्‍तानी का लुत्‍फ उठाने की जरूरत है जिससे धोनी को आगे मदद मिल सके। कोहली पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है क्‍योंकि उन्‍हें यह पता है कि टी-20 विश्‍व कप में धोनी ही टीम का नेतृत्‍व करेंगे।
यह पूछने पर कि कप्‍तानी के दबाव में कोहली की बल्‍लेबाजी पर असर पड़ेगा के जवाब में गांगुली ने कहा कि वेस्‍टइंडीज दौरा याद कीजिए जहां कोहली ने कप्‍तानी करते हुए शानदार शतक जमाकर टीम को फाइनल में पहुंचाया था। इसलिए कोहली के पास यह सुनहरा मौका है कि वे अपनी कप्‍तानी का कौशल चयनकर्ताओं के सामने पेश्‍ा करे।
इयान चैपल द्वारा धोनी की कप्‍तानी पर लिखे गए लेख के बारे में 42 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि धोनी में गजब की नेतृत्‍व क्षमता है। मैं इयान के विचारों से संतुष्‍ट नहीं हूं। उन्‍हें अपने विचारों का दोबारा आकलन करने की जरूरत है। दरअसल, इयान ने न्‍यूजीलैंड दौरे के समय कहा था कि धोनी की कप्‍तानी ऐसी है जैसे कोई प्रोफेसर बिना किसी बात को ध्‍यान में रखे पार्क में टहल रहा है। इयान ने यह भी कहा कि विराट कोहली को धोनी की जगह कप्‍तान बनाना चाहिए।
बुधवार को फतुल्‍लाह स्‍टेडियम पर बांग्‍लादेश के खिलाफ भारतीय टीम की रणनीति के बारे में बात करते हुए गांगुली ने कहा कि कोहली को पांच गेंदबाजों के साथ मैदान संभालना चाहिए। इसमें तीन तेज गेंदबाजों को जगह दी जाना चाहिए। यह तालमेल मैच में जीत दर्ज करने के लिहाज से अच्‍छा साबित हो सकता है।
पूर्व कप्‍तान ने कोहली के बल्‍लेबाजी क्रम के बारे में कहा कि कोहली को चौथे क्रम पर बल्‍लेबाजी करना चाहिए, पांचवे क्रम के लिए अंजिक्‍य रहाणे को मौका देना चाहिए। बंगाल टाइगर के मुताबिक धोनी के मध्‍यक्रम में न रहने से अश्विन और जडेजा पर अ‍त्‍यधिक दबाव रहेगा।

और कोहली ने आखिर दिला दी 2014 की पहली जीत

Posted by Unknown | | Posted in

फातुल्लाह। कप्तान विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी की बदौलत भारत ने बुधवार को एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में मेजबान बांग्लादेश को एक ओवर शेष रहते छह विकेट से हराकर शानदार शुरुआत की। बांग्लादेश के 279 रनों का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 49 ओवर में छह विकेट पर 280 रन बनाकर मैच जीत लिया। इस जीत में कोहली ने कप्तानी पारी खेलते हुए 122 गेंदों पर 16 चौकों और दो छक्कों की मदद से 136 रन बनाए।
बड़े लक्ष्य के सामने भारत की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसने 54 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों रोहित शर्मा (21) और शिखर धवन (28) के विकेट गंवा दिए थे। उसके बाद विराट और अंजिक्य रहाणे ने कमान संभाली और तीसरे विकेट पर 203 रन की साझेदारी की। इस जोड़ी के अलग होने तक भारत मंजिल के करीब पहुंच चुका था। रहाणे ने 73 रन बनाकर कप्तान का भरपूर साथ दिया। उन्होंने 83 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाया।
पिछले कुछ समय से जीत को तरस रही भारतीय टीम के लिए यह जीत काफी मायने रखती है। इस जीत से न केवल टीम इंडिया ने एशिया कप में शानदार शुरुआत की है, बल्कि टीम का मनोबल बढ़ाने में भी यह अहम भूमिका अदा करेगी। साथ ही विराट कोहली के करियर के लिए भी यह जीत काफी अहम है, क्योंकि वह पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में भारत की कप्तानी कर रहे हैं।
इससे पहले अपने करियर का दूसरा शतक लगाने वाले कप्तान मुशफिकुर रहीम (117) की शानदार पारी और एनामुल हक (77) के अर्धशतक की बदौलत बांग्लादेश ने टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 279 रन बनाए। कप्तान ने 113 गेंदों पर सात चौके और दो छक्के लगाए। हक ने 106 गेंदों का सामना कर पांच चौके और तीन छक्के लगाए।
बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 49 रनों के कुल योग पर शम्सुर रहमान (7) और मोमिनुल हक (23) के विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद हक और रहीम ने तीसरे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी की। हक का विकेट 182 के स्कोर पर वरुण एरोन ने लिया। इसके बाद रहीम ने नईम इस्लाम (14) के साथ चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े। इस्लाम की विदाई के बाद मुशफिकुर ने अपने करियर का दूसरा शतक पूरा किया। यह आलोक कपाली के बाद किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का भारत के खिलाफ पहला शतक है।
मुशफिकुर का शतक पूरा होने के तुरंत बाद मुहम्मद शमी ने नासिर हुसैन (1) को ज्यादा देर विकेट पर टिकने नहीं दिया, लेकिन कप्तान ने एक बार फिर पारी को संवारने के प्रयास में जियाउर रहमान (18) के साथ छठे विकेट के लिए 29 रनों की साझेदारी कर डाली। रहमान का विकेट 270 के योग पर गिरा, जबकि शमी की गेंद पर छक्का लगाने के प्रयास में मुशफिकुर 276 के स्कोर पर रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। भारत की ओर से शमी ने 10 ओवर में 50 रन देकर चार विकेट लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार, वरुण एरोन और रविचंद्रन अश्विन को एक-एक सफलता मिली।

जानबूझकर कैच टपका रहे थे भारतीय फील्डर, कीवी कप्तान संग की बेइंसाफी

Posted by Unknown | Thursday, February 20, 2014 | Posted in

वेलिंगटन. मंगलवार को खत्म हुए वेलिंगटन टेस्ट के तीसरे दिन (16 फरवरी को) ब्रेंडन मैक्कुलम के व्यक्तिगत स्कोर 9, 34, 36 रन पर कैच छूटे और इन्हीं ‘जीवनदान’ की बदौलत वे न सिर्फ मैच बचाने में सफल रहे, बल्कि तिहरा शतक भी लगा दिया। 
कीवी वेबसाइट 'स्टफ' के क्रिकेट कॉलमनिस्ट मार्क रीजन ने भारतीय फील्डरों के लचर प्रदर्शन की हंसी उड़ाते हुए इसे मैक्कुलम के साथ बेइंसाफी करार दिया है।
 
रीजन ने अपने कॉलम में मोहम्मद अजहरुद्दीन के मैच फिक्सिंग में फंसने से लेकर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नामआईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उठने तक की बातें लिखी हैं। उन्होंने बातों ही बातों में यह कहने की कोशिश की है कि भारतीय फील्डरों ने जानबूझकर गलतियां कीं और मैक्कुलम को तिहरा शतक लगाने का मौका दिया।
 
उन्होंने लिखा है, "जब मैक्कुलम 102 रन के स्कोर पर थे तब शिखर धवन ने उनका आसान कैच टपका दिया। धवन को चाहिए था कि वे दो कदम पीछे होकर गेंद के उनके हाथों में आने का इंतजार करें, लेकिन वे बेसब्री से आगे आ गए और गेंद उनके हाथों से फिसल गई।"

ऑस्ट्रेलियन ओपन से बाहर हुईं वीनस विलियम्स

Posted by Anonymous | Monday, January 13, 2014 | Posted in


मेलबर्न। विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीय महिला टेनिस स्टार अमेरिका की वीनस विलियम्स साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल वर्ग से बाहर हो गई हैं। वीनस को सोमवार को पहले दौर में हार मिली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक सात बार की ग्रैंड स्लैम विजेता वीनस को विश्व की 22वीं वरीय एकातेरिना माकारोवा हराया। माकारोवा ने यह मैच 2-6, 6-4, 6-4 से जीता।पहले सेट में वीनस अपनी ख्याति के मुताबिक खेलीं। उन्होंने माकारोवा की सर्विस तीन बार ब्रेक की और 33 साल की उम्र में टूर्नामेंट की दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी के तौर पर पहला मैच जीतने की ओर से बड़ा कदम बढ़ाया। दूसरे सेट में हालांकि वीनस अपने खेल पर ध्यान नहीं लगा सकीं। वह कई मौकों पर ब्रेक प्वाइंट हासिल करने से चूकीं। इसके बाद वीनस का खेल लगातार गिरता रहा और उन्होंने आगे के सेट में 21 गलतियां की।मैच के बाद वीनस ने कहा, कि मैं इस जीत के लिए माकारोवा को श्रेय देना चाहूंगी। वह जीत के लिए कृतसंकल्प थीं और उनके खेल में यह साफ दिख रहा था। वीनस ने 14वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लिया और दूसरी बार पहले दौर में हारीं। 2003 में वह मेलबर्न पार्क में उपविजेता रही थीं। फाइनल में वह अपनी ही बहन सेरेना विलियम्स से हार गई थीं। माकारोवा अब दूसरे दौर में अमेरिका की फाल्कोनी इरिना से भिड़ेंगी।

जब धोनी के अनोखे अंदाज ने कैलिस को चौंका दिया

Posted by Unknown | Saturday, December 28, 2013 | Posted in

दुनिया के दिग्गज आलराउंडर जैक्स कैलिस आज जब बल्‍लेबाजी को उतरे तो टीम इंडिया ने उन्हें सरप्राइज कर दिया। 

करियर का आखिरी टेस्ट खेल रहे दक्षिण अफ्रीकी आलराउंडर जैक्स कैलिस को कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने शनिवार को डरबन के किंग्समीड में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान गार्ड ऑफ आनर देकर सम्मानित किया।

अपने करियर का 166वां टेस्ट खेल रहे कैलिस मैच के तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरे थे।

पढ़ें- जडेजा का 'चौका' तो कैलिस की फिफ्टी

यह दिग्गज बल्‍लेबाज जब मैदान पर उतरा उस समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर दो विकेट पर 113 रन था।

जैक्स कैलिस के मैदान पर आते ही पूरी भारतीय टीम और मैदानी अंपायर कतारबद्ध खडे़ हो गए और उन्होंने दुनिया के बेहतरीन आलराउंडरों में से एक कैलिस को गार्ड ऑफ आनर पेश किया।

पाकिस्तानी के हाथ से हुई एक चूक... और श्रीलंका ने मार ली बाजी

Posted by Unknown | Friday, December 27, 2013 | Posted in

अबु धाबी. दिनेश चंडिमल की नॉटआउट हाफ सेंचुरी के दम पर श्रीलंका ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 2 विकेट से हराया। पाकिस्तान द्वारा दिए 233 रन के लक्ष्य को मैथ्यूज एंड कंपनी ने 49.4 ओवरों में हासिल कर लिया।
 
हार के बावजूद पाकिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज पर 3-2 से कब्जा जमाया। मोहम्मद हफीज मैन ऑफ द सीरीज रहे।
 
पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन बल्लेबाजों ने लचर प्रदर्शन से उनके इरादों पर पानी फेर दिया। मोहम्मद हफीज (41 रन), मिस्बाह (51 रन) और अनवर अली (41 रन) के अलावा कोई भी प्रभावशाली पारी नहीं खेल सका। 
 
जवाब में श्रीलंका ने 233 रन के टार्गेट को 2 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। मैन ऑफ द मैच रहे चंडिमल 64 रन और अजंथा मेंडिस 19 रन बनाकर नाबाद रहे।

कैलिस ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा

Posted by Unknown | Wednesday, December 25, 2013 | Posted in

डरबन। दक्षिण अफ्रीका के सर्वकालिक महान हरफनमौला खिलाड़ी जैक कैलिस ने भारत के साथ 26 दिसंबर से किंग्समीड मैदान पर होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है। कैलिस ने कहा है कि वह 2015 विश्व कप में हिस्सा लेना चाहते हैं।
कैलिस ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि डरबन टेस्ट उनका अंतिम टेस्ट मैच होगा। कैलिस के मुताबिक वह वनडे और टी-20 क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे। कैलिस ने कहा कि वह 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप में खेलने की इच्छा रखते हैं।
38 साल के कैलिस ने अपने फैसले को लेकर कहा, '18 साल पहले पर्दापण के बाद से लगातार दक्षिण अफ्रीकी टीम के ड्रेसिंग रूम का सदस्य बने रहना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मैंने मैदान में बिताए गए हर पल का आनंद लिया और अब मेरे लिए टेस्ट मैचों से संन्यास लेने का वक्त आ गया है। मेरे लिए यह फैसला आसान नहीं था, खासतौर पर ऐसे में जब ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच होने वाले हैं और टीम सफलता का जमकर लुत्फ ले रही है। लेकिन मेरा मानना है कि मैंने टेस्ट मैचो में अपने हिस्से का योगदान अपनी टीम को दे दिया है।'
कैलिस ने दक्षिण अफ्रीका के लिए अब तक 165 टेस्ट मैचों में 13174 रन बनाए हैं। उनके नाम 44 शतक और 58 अर्धशतक हैं। कैलिस ने 32.53 के औसत से 292 विकेट भी लिए हैं। वह टेस्ट और वनडे मैचों में 10 हजार रन पूरे करने वाले पहले दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी हैं।
कैलिस ने 20 साल की उम्र में पहला टेस्ट मैच खेला था। कैलिस मानते हैं कि कोलकाता नाइटराइर्डस (केकेआर) टीम के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) खिताब जीतना उनके करियर के अहम मुकामों में से एक है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने भी कैलिस के योगदान को याद किया। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा कि कैलिस का संन्यास लेना तय था और वह इसे लेकर हैरान नहीं हैं। कैलिस का दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में योगदान अतुलनीय रहेगा। हमारे लिए यह दुख की बात है कि हमारे देश का महानतम खिलाड़ी 2013 के अंतिम हफ्ते में अपने करियर का अंतिम टेस्ट मैच खेलेगा।

सोचा ना था ये दिन भी आएगा, आज कौन होगा नया नंबर 4?

Posted by Unknown | Tuesday, December 17, 2013 | Posted in

(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अब मैदान को अलविदा कह चुके हैं, भारत को पिछले दो दशकों में जिस चीज की आदत हो चुकी थी, अब बुधवार से उससे पार पाने का समय होगा क्योंकि..बुधवार को मैदान पर सफेद कपड़ों में इस बार भी 11 भारतीय खिलाड़ी उतरेंगे, बस, इन 11 में इस बार 'क्रिकेट का भगवान' नहीं होगा। धौनी के पास वो खिलाड़ी नहीं होगा जो बीच-बीच में उन्हें विपरीत हालातों से बाहर निकलने की समझ दे सके और जहीर जैसे गेंदबाजों के पास वो दोस्त नहीं होगा जो चुटकी में बल्लेबाज की कमजोर नस का पता बता दे। थोड़ा अजीब होगा, लेकिन अब यही सच है, कि नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के लिए 'सचिन रमेश तेंदुलकर' नहीं, कोई और ही होगा। आखिर वो कौन होगा?
तस्वीर धुंधली जरूर है लेकिन अंदेशा लगाया जा चुका है कि तकरीबन दो दशक तक भारतीय बल्लेबाजी क्रम में जो नंबर चार महायोद्धा सचिन के नाम था वो अब किस युवा के नाम होने वाला है। चर्चित नाम है विराट कोहली का, लेकिन कैप्टन कूल जब टीम के मुखिया हों तो इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है कि अगले पल क्या फैसला होगा। जब जोहानिसबर्ग में बुधवार को भारतीय टीम मेजबान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का पहला टेस्ट व इस साल की आखिरी सीरीज खेलने उतरेगी तो दो विकेट गिरते ही सुगबुगाहट शुरू हो जाएगी। मैदान पर मौजूद हजारों फैंस के साथ-साथ दुनिया भर के करोड़ों फैंस की नजर उस गुफानुमा रास्ते पर टिक जाएंगी जो वॉन्डरर्स स्टेडियम के पवेलियन तक जाता है। सभी की नजरें ये देखने को बेताब होंगी कि आखिर क्रिकेट के भगवान के नंबर चार के स्थान पर कौन सा खिलाड़ी आता है, विराट कोहली, या फिर कोई और..
आपको बता दें कि जोहानिसबर्ग टेस्ट से पहले विराट कोहली को अभ्यास सत्र के दौरान जमकर पसीना बहाते देखा गया। उमेश यादव, जहीर खान और इशांत शर्मा ने उन पर गेंद से कई प्रहार किए लेकिन कोहली थमते नहीं दिखे। गेंदबाजी कोच जो डावेस ने भी थ्रो मशीन से कई शॉर्ट पिच गेंदें डालीं लेकिन कोहली थे कि पिच से हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे, लक्ष्य साफ था, अगर वो नंबर चार पर उतरे, तो सचिन के सम्मान और खौफ को दक्षिण अफ्रीकी टीम के सामने बरकरार रखना। हाल ही में वनडे सीरीज में कोहली थोड़ा लय से बाहर जाते दिखे लेकिन पिछले कुछ सालों में इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो धूम मचाई है उससे सभी वाकिफ हैं। उनके अंदर सचिन की तरह संयम तो नहीं देखने को मिलता लेकिन शॉट्स व प्रतिभा की इस खिलाड़ी के पास कोई कमी नहीं है, ऐसे में नंबर चार के स्थान पर उन्हीं का पत्ता फिट बैठता दिख रहा है। यानी नंबर तीन पर पुजारा और नंबर पांच पर रोहित शर्मा के बीच कोहली बल्लेबाजी क्रम की कमान संभालेंगे।
वहीं, अगर फैसलों के ट्विस्ट में माहिर, हमारे कप्तान माही की बात करें तो अगर वो कुछ नया प्रयोग करने की सोचते हैं तो मुमकिन है कि रोहित को एक स्थान ऊपर करके नंबर चार पर उतारा जाए क्योंकि रोहित घरेलू क्रिकेट में संयम से खेलने में सक्षम दिखे हैं और इससे पहले भारत में हुई टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने शानदार अंदाज में अपनी पारी को अंजाम दिया जैसे सचिन किया करते थे, लेकिन कोई आखिर कैसे 2011-12 का ऑस्ट्रेलिया दौरा भूल सकता है जहां कोहली ने बाउंसी पिचों पर भी टेस्ट में अपना लोहा मनवाया था। उस दौरे में जब लक्ष्मण, द्रविड़ और सचिन जैसे दिग्गज नहीं चले थे तब कोहली ने दो 40 पार स्कोर, एक अर्धशतक व एडिलेड पर एक धमाकेदार शतक (116) जड़ा था, जो उस दौरे पर एकमात्र भारतीय शतक भी था। उधर, हाल में धौनी से जब दक्षिण अफ्रीका रवानगी से पहले ये सवाल पूछा गया था कि सचिन के बाद नंबर चार का दावेदार कौन है? तो इस पर धौनी ने अपने ही अंदाज में बात घुमा दी और कहा कि अगर उनका बस चले तो वो अब नंबर चार का स्थान ही हटा दें। देखना दिलचस्प होगा कि माही व टीम मैनेजमेंट इस पर क्या फैसला लेती है।

अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा भी होगा

Posted by Unknown | | Posted in

  1. नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने पिछले महीने क्रिकेट के सभी प्रारूप से संन्यास ले लिया, लेकिन इस महान बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने ऐसा सोचा नहीं था कभी और उन्हें अब भी यह एहसास नहीं हो रहा है कि अब हालात बदल चुके हैं, और वह अब कभी भारत के लिए नहीं खेल पाएंगे।
  2. तेंदुलकर ने एक कार्यक्रम में कहा, 'अब भी मुझे अंदर से यह एहसास नहीं होता है कि मैं आगे भारत की तरफ से क्रिकेट नहीं खेलूंगा। लेकिन मैं अपने बेटे के साथ खेलूंगा। यह अच्छा मनोरंजन है।' अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 24 साल बिताने के बाद तेंदुलकर ने पिछले महीने मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 200वां टेस्ट मैच खेलकर संन्यास लिया। उन्होंने कहा, 'जिंदगी काफी व्यस्त रही। आसपास कुछ न कुछ होता रहता था। पिछले महीने से मैंने अपने परिवार के साथ काफी समय बिताया और आगे भी मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मुझे क्रिकेट देखने और अपने बेटे को खेलते हुए देखने में आनंद आ रहा है और मैं जानता हूं कि क्रिकेट मुझसे अधिक दूर नहीं रह सकता।'


सचिन तेंदुलकर ने युवाओं से कहा, सपनों का पीछा करें, सपने सच होते हैं

Posted by Anonymous | Sunday, December 15, 2013 | Posted in


नई दिल्ली: महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने देश के युवाओं को सलाह दी कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में अपने सपनों का पीछा करें, लेकिन उन्होंने आधुनिक गैजेट पर ज्यादा समय बर्बाद करने के लिए उन्हें हतोत्साहित भी किया।
तेंदुलकर ने एनडीटीवी द्वारा 25 महान हस्तियों को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम में कहा कि अगर कोई सपनों का पीछा करता है, तो सपने सच होते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों पुरस्कार पाने के बाद कहा, मैं भारत के युवाओं को सपने देखने के लिए, कहूंगा क्योंकि अगर सपनों का पीछा किया जाए, तो सपने सच होते हैं।
उन्होंने कहा, मैंने भी कई बार असफलता का सामना किया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि मैंने अपने खेल से सबसे अहम सीख यह ली कि जब आप हारते हैं, तो आप दूसरी चुनौती के लिए तैयार हो जाते हैं।
तेंदुलकर ने कहा, मैं यह पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं भारत के युवाओं को संदेश दूंगा, मेरी दादी कहती थीं 'स्वास्थ्य ही धन है, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो।'



Posted by Anonymous | Saturday, December 14, 2013 | Posted in

पाकिस्तान को पटक कबड्डी का विश्व चैंपियन बना भारत

भारत ने एक बार फिर कबड्डी का विश्व कप जीत लिया है. शनिवार को लुधियान में खेले गए फाइनल में मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 48-39 से पटखनी देकर यह चैंपियनशिप अपने नाम कर ली.
भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर लगातार चौथी बार यह टूर्नामेंट जीता है और कबड्डी का विश्वकप अपने पास बरकरार रखा है.
भारत को इस जीत पर विजेता ट्रॉफी के साथ 2 करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया वहीं पाकिस्तान को उपविजेता टीम को ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये दिए गए. खेल के सर्वश्रेष्ठ रेडर और स्टॉपर भी भारतीय टीम से ही रहे और उन्हें पुरस्कार के रूप में ट्रैक्टर प्रदान किए गए.






सबसे ज्यादा रन बनाकर भी ICC की वनडे टीम में नहीं आ पाए विराट, जानिए क्यों?

Posted by Unknown | Wednesday, December 4, 2013 | Posted in

खेल डेस्क. आईसीसी ने साल 2013 की टेस्ट व वनडे टीम का ऐलान कर दिया है। टेस्ट टीम की कमान इंग्लिश टीम के कप्तान एलिएस्टर कुक को सौंपी गई है वहीं लगातार छठी बार टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को वनडे टीम का नेतृत्व सौंपा गया है। 
 
धोनी को आईसीसी पीपुल्स च्वॉइस प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया है। धोनी तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्हें यह अवार्ड दिया गया है। इससे पहले 2010 में सचिन तेंडुलकर और 2011 व 2012 में कुमार संगकारा को यह अवार्ड मिला था। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्ड्सन ने मुंबई में इन अवार्ड की घोषणा की। 
 
वनडे व टेस्ट टीमों का चयन अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाले आईसीसी के पैनल ने किया। पैनल में कुंबले के अलावा पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वकार यूनुस, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेक स्टीवर्ट, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज ग्रीम पोलॉक और न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व खिलाड़ी कैथरीन कैंपबैल शामिल थीं। 
 
आईसीसी की वनडे टीम में विराट कोहली का नाम न देख फैन्स हैरान हैं। विराट इस साल वनडे क्रिकेट के लीडिंग रन स्कोरर हैं। इसके बाद भी विराट का नाम आईसीसी वनडे टीम में न देख फैन्स का सकते में आना स्वभाविक भी है

आईसीसी अवॉर्डस: धोनी ने जीता पीपुल्‍स च्‍वॉईस अवॉर्ड

Posted by Unknown | Tuesday, December 3, 2013 | Posted in

मुंबई। भारतीय टीम के कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी को आईसीसी पीपुल्‍स च्‍वॉईस अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया है। धोनी ने 2013 का पीपुल्‍स च्‍वॉईस अवॉर्ड जीत लिया है। कैप्‍टन कूल धोनी ने इस रेस में अपने ही साथी विराट कोहली, माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया), एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड), और एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका) को पछाड़ा है।
बीसीसीआई के सेक्रेटरी संजय पटेल ने धोनी की ओर से अवॉर्ड लिया। धोनी फिलहाल वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका दौरे पर हैं।
2010 में शुरू हुए इस अवॉर्ड को जीतने वाले धोनी दुनिया के तीसरे और भारत के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं। 2010 में सचिन तेंदुलकर ने ये अवॉर्ड जीता था, जबकि 2011 और 2012 में श्रीलंका के कुमार संगकारा को इस सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया था।

जीत का जश्न

Posted by Unknown | Thursday, November 28, 2013 | Posted in

  • शिखर धवन (119) की शानदार शतकीय पारी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने ग्रीनपार्क स्टेडियम में बुधवार को खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हरा दिया। इसके साथ भारत ने यह श्रृंखला 2-1 से जीत ली।

धोनी, बिना टॉस जीते भी मैच जीतना सीखो

Posted by Unknown | Monday, November 25, 2013 | Posted in

टेस्ट सीरीज़ में भारत ने वेस्टइंडीज टीम का सफाया करके उसे 2-0 से हरा दिया। जिस तरह से वेस्टइंडीज़ टीम ने टेस्ट सीरीज़ में खेल दिखाया, उसे देखकर कॉमेंट्री कर रहे क्रिकेट विशेषज्ञ कह रहे थे कि वेस्टइंडीज़ टीम का खेल क्लब स्तर का है। लेकिन इसी टीम ने मजबूत भारतीय टीम को विशाखापट्टम में हरा दिया। 

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टेस्ट क्रिकेट और वनडे क्रिकेट में बहुत फर्क है और भी वेस्टइंडीज के कुछ बेहतरीन खिलाड़ी टेस्ट सीरीज़ में नहीं खेले थे, लेकिन वनडे टीम में ये खिलाड़ी वेस्टइंडीज टीम में हैं। वेस्टइंडीज टीम ने भारत को विशाखापट्टनम वनडे में 289 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हराया दिया। यहां ‍तक कुछ ऐसा नहीं हुआ जो अस्वाभाविक हो। लेकिन भारतीय टीम की हार के बाद हार के जो कारण भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गिनाए वे गले नहीं उतरते। 

आनंद, कार्लसन के बीच आठवीं बाजी ड्रॉ

Posted by rahul thakur | Tuesday, November 19, 2013 | Posted in

चेन्नई: गत चैम्पियन विश्वनाथन आनंद और सर्वोच्च विश्व वरीय नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के बीच मंगलवार को शतरंज विश्व चैम्पियनशिप की आठवीं बाजी बराबरी पर खत्म हुई. 
आनंद नॉर्वे के अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कोई खतरा नहीं उठाना चाहते थे, और उन्होंने कार्लसन के आक्रामक खेल के जवाब में बर्लिन डिफेंस की रणनीति अपनाई.
दोनों शतरंज दिग्गजों के बीच यह मुकाबला 33 चालों तक चला. ड्रॉ के समय दोनों खिलाड़ियों के किंग और सात-सात प्यादे बोर्ड पर मौजूद थे.
इस मैच के ड्रॉ होने के साथ ही कार्लसन की आनंद पर दो अंकों की बढ़त बरकरार है. आठ मुकाबलों में कार्लसन ने दो में जीत दर्ज की है, जबकि छह मुकाबले बराबरी पर खत्म हुए. आनंद के अब तक तीन अंक हैं, जबकि कार्लसन ने पांच अंक अर्जित कर लिए हैं.
देश के दूसरे सर्वोच्च वरीय ग्रैंडमास्टर पी. हरिकृष्ण ने मैच के बाद कहा, "दो अंकों की बढ़त पाने के कारण कार्लसन अब अपने खेल में विविधता ला रहे हैं."
पी. हरिकृष्ण के अनुसार, आनंद का सिसीलियन डिफेंस की बजाय बर्लिन डिफेंस रणनीति अपनाना थोड़ा चौंकाने वाला था. मैच के दौरान दोनों ही खिलाड़ी एकदूसरे के मोहरे लगातार मारते रहे. 22वीं चाल के साथ ही स्पष्ट हो गया था कि मैच ड्रॉ की ओर जा रहा है.
कार्लसन ने 25वें चाल में अपने क्वीन की बिना पर आनंद का हाथी मार दिया. आनंद ने अपने घोड़े से कार्लसन का क्वीन ले लिया.
दोनों के बीच अब अगला मुकाबला गुरुवार को होगा, तथा आनंद सफेद मोहरों से खेलेंगे. दोनों के बीच कुल 12 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके आधार पर फिडे शतरंज विश्व चैम्पियन का निर्णय होगा.

जिंदगी भर करुंगा क्रिकेट के भगवान की भक्ति : सुधीर चौधरी

Posted by rahul thakur | | Posted in

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के मैदान से विदा होने के बावजूद सुधीर चौधरी की उनके प्रति भक्ति कम नहीं हुई है.
सुधीर चौधरी अब वह शरीर पर ‘मिस यू तेंदुलकर’ पोतकर भारतीय टीम के हर मैच में नजर आयेंगे.
पिछले 11 साल से भारत में टीम इंडिया के हर मैच में शरीर पर तिरंगे के रंग पोतकर और पीठ पर तेंदुलकर की जर्सी का नंबर 10 लिखकर तिरंगा लहराते चौधरी क्रि केटप्रेमियों की स्मृति का हिस्सा बन चुके हैं. तेंदुलकर के क्रिकेट केा अलविदा कहने से वह दुखी है लेकिन उनका कहना है कि वह मैदान पर क्रिकेट के भगवान की कमी नहीं खलने देंगे.
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में भारतीय टीम की हौसलाअफजाई करने पहुंचे चौधरी ने फोन पर कहा ,‘मैने अपना जीवन सचिन को समर्पित कर दिया है और मैं आगे भी भारतीय टीम के हर मैच में यूं ही तिरंगा लहराता रहूंगा. मेरी पीठ पर हमेशा की तरह 10 और तेंदु
लकर लिखा होगा लेकिन उसके ऊपर अब ‘मिस यू’ जुड़ जायेगा.’
मुजफ्फरपुर के रहने वाले इस 32 वर्षीय क्रिकेटप्रेमी ने कहा,‘मैं मैदान पर सचिन सर की कमी नहीं खलने दूंगा. इसी तरह टीम इंडिया की हौसलाअफजाई करूंगा और आखिरी सांस तक सचिन सर का नाम लेता रहूंगा.’
सचिन के प्रति उनकी दीवानगी की शुरूआत 2002 में हुई जब पहली बार मुंबई में वह इस चैम्पियन बल्लेबाज से मिले थे. सचिन ने उन्हें मैच के पास दिये और तब से शुरू हुआ सिलसिला पिछले शनिवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ सचिन के आखिरी और 200वें टेस्ट तक जारी रहा. मैच के बाद वानखेड़े स्टेडियम के भीतर उनका प्रवेश भी सचिन ने सुनिश्चित कराया था.
चौधरी ने कहा,‘जब सचिन सर आखिरी बार मैदान से लौटे तो मैं फूट-फूटकर रोया. उसके बाद उन्होंने भाषण दिया तो मैं सबसे पीछे खड़ा था और मेरे आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे. उन्होंने मुझे अगले दिन प्रेस कांफ्रेंस में भी बुलाया लेकिन भीड़ इतनी थी कि मेरी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी.’
सचिन और टीम इंडिया की हौसलाअफजाई के लिये पाकिस्तान और बांग्लादेश तक साइकिल से जा चुके चौधरी ने कहा,‘मैं मुंबई में और रूक नहीं सकता था क्योंकि मुझे कोच्चि पहुंचना था लेकिन मैं सचिन सर से बाद में जाकर मिलूंगा. फोन पर भी बात करता रहूंगा.’
भारत के विश्व कप 2011 जीतने के बाद तेंदुलकर ने उन्हें टीम ड्रेसिंग रूम में बुलाकर ट्राफी के साथ तस्वीर खींचने का मौका दिया था जो उसके जीवन का सबसे यादगार पल है. उसने कहा,‘मैं उस पल को मरते दम तक नहीं भूल सकता. विश्व कप जीतने के बाद ड्रेसिंग रूम में मुझे बुलाकर ट्राफी के साथ फोटो खीचने का सचिन सर ने मौका दिया. वह महान खिलाड़ी ही नहीं महान इंसान भी हैं.’
चौधरी ने कहा कि भविष्य में सचिन जिस रूप में भी क्रिकेट से जुड़ेंगे, वह यूं ही उनकी हौसलाअफजाई करेंगे. उन्होंने कहा,‘क्रि केट सचिन सर के लिये आक्सीजन है और वह जरूर फिर लौटेंगे. किसी और रूप में सही. लेकिन उनका यह भक्त हमेशा की तरह उनके लिये मौजूद होगा.’

बोपन्ना-वेसेलिन की जोड़ी का जापान ओपन पर कब्जा

Posted by rahul thakur | Wednesday, October 9, 2013 | Posted in

Cincinati: Bopanna-Vselin win japan Openटोक्यो: भारत के युवा प्रतिभाशाली टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना और उनके फ्रांसिसी जोड़ीदार एडुआर्ड रोजर वैसेलिन की जोड़ी ने रविवार को जापान ओपन टेनिस चैम्पियनशिप का पुरुष युगल खिताब जीत लिया।

खिताबी मुकाबले में भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी ने इंग्लैंड के जेमी मरे और आस्ट्रेलिया के जॉन पीयर्स की जोड़ी को 7-6(5), 6-4 से मात देकर अपने करियर का पहला एटीपी वर्ल्ड टूर टीम खिताब जीता। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय-फ्रांसिसी जोड़ी को अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराने में 78 मिनट लगे।

इस जीत के साथ ही उनके लंदन में होने वाले बर्कले एटीपी वर्ल्ड टूर के फाइनल मुकाबले में पहुंचने के आसार बढ़ गए हैं। इस मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए अभी पांच स्थान रिक्त हैं।

जीत के बाद बोपन्ना ने कहा, "आज (रविवार) हमारी रणनीति ने पूरी तरह काम किया। आज हमने एक टीम के रूप में खेला। एडुआर्ड रिटर्न और सर्व करने में माहिर हैं, जिससे मुझे अपना प्राकृतिक खेल खेलने की आजादी मिली।"

njfi

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MAHAAPOR V NIGAM COMMITIONER KE PUTLE KO DI FAANSI .

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